खूंटी: केंद्रीय युवा सरना संगोम समिति, खूंटी के तत्वावधान में मरंगहदा, खूंटी में मुंडारी पारंपरिक कला प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधायक एवं पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री श्री नीलकंठ सिंह द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मुंडारी लोक नृत्य, बांसुरी वादन, ढोल-नगाड़ा और पारंपरिक गीतों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और बच्चों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना और उनमें कला के प्रति रुचि विकसित करना है। समिति के सदस्यों ने बताया कि अब तक कुल 22 बच्चों ने इस प्रशिक्षण के लिए नामांकन कराया है और प्रशिक्षण कक्षाएं भी प्रारंभ हो चुकी हैं। यह कक्षाएं प्रत्येक गुरुवार और रविवार को दोपहर 1 बजे से आयोजित की जा रही हैं, जिसमें प्रशिक्षित कलाकार बच्चों को विभिन्न विधाओं का अभ्यास करा रहे हैं।
नामांकन की अंतिम तिथि 31 अप्रैल निर्धारित की गई है। समिति ने इच्छुक कला प्रेमियों, विशेषकर बच्चों और युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़कर अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति को सीखें एवं आगे बढ़ाएं। यह पहल न केवल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी पहचान और परंपराओं के प्रति जागरूक भी बनाएगी।

