रांची: रांची विश्वविद्यालय के पीजी मुंडारी विभाग में शनिवार को शोध कार्य से संबंधित एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, राँची के पूर्व कुलपति डॉ० (प्रो०) सत्यनारायण मुण्डा उपस्थित रहे। उन्होंने “अध्याय तथा प्रकरण सूची एवं संदर्भ ग्रंथ सूची” विषय पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान देते हुए शोध लेखन की बारीकियों से शोधार्थियों को अवगत कराया। अपने संबोधन में डॉ. मुण्डा ने कहा कि किसी भी शोध प्रबंध की गुणवत्ता उसके विषयों के सही वर्गीकरण, सुव्यवस्थित अध्याय विभाजन तथा प्रमाणिक संदर्भ ग्रंथ सूची पर निर्भर करती…
Author: अबुआ न्यूज
रांची: रांची विश्वविद्यालय के पीजी मुंडारी विभाग में शनिवार को शोध कार्य की गुणवत्ता, शोध की बारीकियों तथा शोधार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में Rajendra Institute of Medical Sciences (रिम्स), रांची के सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट Dr. Devendra Kumar Munda उपस्थित रहे। उन्होंने “बेहतर शोध कार्य के लिए शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने की आवश्यकता” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में डॉ. देवेंद्र कुमार मुंडा ने कहा कि किसी भी गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य के लिए केवल बौद्धिक क्षमता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि शोधकर्ताओं का…
रांची: रांची विश्वविद्यालय के पीजी मुंडारी विभाग में शनिवार को शोध कार्य, भाषा संरक्षण एवं संवैधानिक प्रावधानों पर एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड उच्च न्यायालय, रांची के अधिवक्ता एवं पूर्व न्यायिक दंडाधिकारी शुभाशीष रसिक सोरेन उपस्थित रहे। इस व्याख्यान में शोध कार्य की गुणवत्ता, भाषा संरक्षण और संविधान में जनजातीय भाषाओं के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अपने व्याख्यान में शुभाशीष रसिक सोरेन ने “शोध की सावधानियां और संकलित सामग्री की प्रमाणिकता” विषय पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी शोध की…
रांची: हरिवंश टाना भगत स्टेडियम, खेल गांव रांची में आयोजित मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक कला और संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। इस अवसर पर लखन गुड़िया (लखन मुंडा) और उनके साथी कलाकारों ने 117 नगाड़ों की गूंज के साथ भव्य स्वागत प्रस्तुति दी, जिसने पूरे कार्यक्रम स्थल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुंडारी कलाकारों के पारंपरिक नगाड़ा से हुई। एक साथ 117 नगाड़ों की ताल और ध्वनि ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह प्रस्तुति झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और लोक परंपरा का जीवंत उदाहरण थी। कलाकारों की…
रांची: रांची विश्वविद्यालय के पीजी मुंडारी विभाग में शोध कार्य पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में जनजातीय भाषा और साहित्य के क्षेत्र में गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, रांची के पूर्व उपनिदेशक सोमा सिंह मुण्डा उपस्थित रहे। सोमा सिंह मुण्डा ने “मुण्डारी भाषा साहित्य के विकास में अन्य भाषाओं का प्रभाव” विषय पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने संबोधन में मुण्डारी भाषा के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने यह बताया कि अन्य भाषाओं के संपर्क…
रांची: रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग की वरिष्ठ शिक्षिका, प्रसिद्ध साहित्यकार और नागपुरी भाषा-साहित्य की मजबूत आधारस्तम्भ डॉ. कुमारी बासन्ती का आज पूर्वाह्न निधन हो गया। उनके निधन से झारखंड के भाषा और साहित्य जगत में शोक की लहर है। डॉ. कुमारी बासन्ती का जीवन जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं के लिए समर्पित रहा। उन्होंने वर्षों तक विश्वविद्यालय में अध्यापन किया और अनेक विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उनके छात्र उन्हें स्नेह से “दीदी” कहकर पुकारते थे। वे हमेशा छात्रों की समस्याएं सुनती थीं और उन्हें सही दिशा दिखाती थीं। उन्होंने केवल पढ़ाने का काम ही नहीं किया,…
रांची: रांची विश्वविद्यालय के पीजी मुंडारी विभाग में शनिवार को शोध कार्य पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जिन्दर सिंह मुंडा ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। अपने व्याख्यान में उन्होंने “शोध में संकलित सामग्री की प्रमाणिकता एवं पांडुलिपि” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शोधार्थियों को अनुसंधान के विभिन्न प्रकारों एवं चरणों को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया। उनके विचारों में शोध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रमाणिक स्रोतों का चयन और उनका…
खूंटी: केंद्रीय युवा सरना संगोम समिति, खूंटी के तत्वावधान में मरंगहदा, खूंटी में मुंडारी पारंपरिक कला प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व विधायक एवं पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री श्री नीलकंठ सिंह द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मुंडारी लोक नृत्य, बांसुरी वादन, ढोल-नगाड़ा और पारंपरिक गीतों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और बच्चों को…
रांची: झारखंड के खूंटी जिले के कलाकारों ने ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के पत्रपाली गांव में आयोजित सरहुल पर्व सह सरहुल मिलन समारोह में अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। यह आयोजन झारसुगुड़ा जिले के विभिन्न मुंडा समुदायों द्वारा पारंपरिक उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में खूंटी के राष्ट्रीय कलाकार लखन गुड़िया (उर्फ लखन मुंडा) के नेतृत्व में 24 सदस्यीय कलाकारों की टीम ने भाग लिया। टीम ने मुंडारी लोक नृत्य की अत्यंत आकर्षक और जीवंत प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध ताल, समूह की…
रांची : राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन कोषांग (IQAC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. विष्णु चरण महतो ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जाति कभी भी शिक्षा के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी सभी कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा प्राप्त करता…
