रांची: रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर (पीजी) मुंडारी विभाग में सोमवार को नए शैक्षणिक सत्र के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के लिए एक गरिमामयी एवं प्रेरणादायी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों का विभागीय परिवार में आत्मीय स्वागत करना, उन्हें विभाग की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा से परिचित कराना तथा उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था। समारोह उत्साह, अपनत्व और सांस्कृतिक गरिमा के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत से हुई, जहां विभागाध्यक्ष डॉ. बीरेन्द्र कुमार सोय ने सभी छात्र-छात्राओं को पुष्प भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और निरंतर अध्ययन को अपनी सफलता का आधार बनाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में डॉ. सोय ने मुंडारी विभाग की स्थापना, शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध गतिविधियों तथा भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुंडारी भाषा और संस्कृति झारखंड की अमूल्य धरोहर है तथा इसके संरक्षण और विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को विभाग द्वारा आयोजित सेमिनार, कार्यशाला, शोध परियोजनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया। समारोह के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विभाग का हिस्सा बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अध्ययन करने तथा मुंडारी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने विभाग के शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त कर अपने शैक्षणिक और शोध कार्यों को उत्कृष्ट बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. करम सिंह मुंडा ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संस्कृति, इतिहास और पहचान की वाहक होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ शोध और सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ने की सलाह दी।
कार्यक्रम में विभाग के शोधार्थियों ने भी नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें विभागीय गतिविधियों, शोध वातावरण और अकादमिक अवसरों की जानकारी दी। पूरे समारोह में आत्मीयता और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जिससे नवप्रवेशी विद्यार्थियों में विभाग के प्रति अपनापन और उत्साह और अधिक बढ़ा। समारोह में विभागाध्यक्ष डॉ. बीरेन्द्र कुमार सोय, डॉ. करम सिंह मुंडा, विभाग के शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. करम सिंह मुंडा ने सभी अतिथियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी के उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की शुभकामनाएं दीं।