राँची: राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय, राँची में आज राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन आईक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ), एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) और एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की अखंडता, एकता और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करना तथा युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की दिशा में प्रेरित करना था। कार्यक्रम के आरंभ में डॉ. मनीष चंद्र टुडू, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी, ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में कहा कि “लौह पुरुष सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत की नींव रखी। उनका जीवन अनुशासन, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।” डॉ. टुडू ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ और देश की एकता को सशक्त बनाएं। संगोष्ठी के उपरांत राष्ट्रीय एकता शपथ का आयोजन किया गया। शपथ में उपस्थित सभी शिक्षक, छात्र-छात्राएँ, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवकों ने एकजुट होकर देश की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प लिया। सभी ने यह वचन दिया कि वे समाज में पारस्परिक सहयोग, सौहार्द और समरसता की भावना को प्रसारित करेंगे।
कार्यक्रम का संचालन स्वयं डॉ. मनीष चंद्र टुडू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. भावना कुमारी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय एकता दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारत की विविधता में एकता के दर्शन का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक को इस भावना को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।”
इस अवसर पर आईक्यूएसी की समन्वयक डॉ. स्मिता किरण टोप्पो, महाविद्यालय की बर्सर नीतू कुमारी, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. कुमारी रीता, डॉ. पी.पी. आशुतोष, डॉ. दीपक प्रमाणिक, डॉ. अजीत मुंडा, भुवनेश्वर महतो, डॉ. सुरेश महतो, डॉ. अहिल्या कुमारी, डॉ. माधुरी कुमारी दास, सुषमा मिंज, डॉ. राजकुमार पाणिग्रही, तथा महाविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार सहित कई प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। एनसीसी के पचास कैडेट्स, एनएसएस के स्वयंसेवक, और बड़ी संख्या में महाविद्यालय के विद्यार्थी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का समापन एनसीसी गीत के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना गूंज उठी। यह आयोजन महाविद्यालय परिवार के लिए गौरव का अवसर रहा। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के भीतर यह भावना प्रबल की कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का परम कर्तव्य है।

