रांची: हेमंत सोरेन सरकार के प्रथम वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रांची के मोराबादी मैदान में भव्य राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। पूरे राज्य से हजारों की संख्या में लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने। समारोह में झारखंड की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को बड़े गौरव और उत्साह के साथ प्रदर्शित किया गया, जिसमें खूँटी जिला के मुंडारी कलाकारों की विशेष प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनी। कार्यक्रम में लखन गुड़िया के नेतृत्व में 62 नागड़ा कलाकारों की टीम ने मंच पर प्रवेश करते ही उपस्थित दर्शकों में ऊर्जा और रोमांच का संचार कर दिया। पारंपरिक मुंडारी ताल, नगाड़ों की गूंज और सामूहिक लयबद्ध ध्वनि ने पूरे मोराबादी मैदान को उत्सवमय वातावरण में बदल दिया। उनकी प्रस्तुति ने न केवल झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचय कराया, बल्कि आदिवासी समुदाय की एकता, साहस और परंपराओं की जीवंत झलक भी पेश की।
लखन गुड़िया ने कहा कि यह अवसर मुंडारी कलाकारों के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि उन्हें राज्य स्तरीय मंच पर अपनी सांस्कृतिक धरोहर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि नागड़ा झारखंड की प्राचीन लोक-परंपरा है, जो विशेष आयोजनों, विजय उत्सव और सामाजिक एकजुटता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत की जाती है। दर्शकों ने मुंडारी कलाकारों की प्रस्तुति पर जमकर तालियाँ बजाईं और कई गणमान्य अतिथियों ने इस प्रदर्शन को झारखंड की असली पहचान का प्रतीक बताया। समारोह के दौरान सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं को भी प्रस्तुत किया गया। मोराबादी मैदान में आयोजित यह समारोह झारखंड की सांस्कृतिक विविधता, जनभागीदारी और उत्सवधर्मिता का शानदार उदाहरण साबित हुआ।

