रांची: राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय, रांची में नंदी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन 13 फरवरी 2026 को हुआ। यह विशेष कौशल विकास कार्यक्रम 6 फरवरी 2026 से महाविद्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा था, जिसमें छात्राओं को रोजगारोन्मुखी कौशल (Employability Skills) और व्यक्तित्व विकास (Personality Development) का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजनआईक्यूएसी और नंदी फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण सत्र का संचालन फाउंडेशन की प्रशिक्षक स्पर्धा श्रीवास्तव द्वारा किया गया, जिन्होंने छात्राओं को आधुनिक कॉर्पोरेट जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावी संप्रेषण कौशल, आत्मविश्वास और पेशेवर व्यवहार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। प्रशिक्षण के दौरान मल्टीनेशनल कंपनियों में होने वाले इंटरव्यू की तैयारी, प्रभावी बायोडाटा (सीवी) निर्माण, साक्षात्कार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ तथा पेशेवर शिष्टाचार पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्राओं को यह भी बताया गया कि इंटरव्यू के समय क्या करना चाहिए और किन सामान्य गलतियों से बचना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, शब्दावली (Vocabulary) को सशक्त बनाने, व्यक्तित्व को निखारने तथा समूह चर्चा (Group Discussion) में प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत करने की तकनीकों पर व्यवहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और टीम वर्क जैसे गुणों के विकास पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम विशेष रूप से महिला छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। लगभग 35 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई और पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण सत्रों में भाग लिया। छात्राओं ने इसे अपने करियर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। 
समापन समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विष्णु चरण महतो सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। महाविद्यालय परिवार ने स्पर्धा श्रीवास्तव, अमित सर, रिंकू सर तथा नंदी फाउंडेशन और महिंद्रा प्राइड क्लासरूम टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही सहयोगी संस्था ‘काबिल’ का भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया। महाविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आशा व्यक्त की, ताकि विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन और अवसर प्राप्त होते रहें। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए केवल एक प्रशिक्षण सत्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ।

