खूँटी : 25 अक्टूबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 तक कुंदी बड़ी टोला में ग्राम सभा कुंदी बड़ी टोला एवं छोटानागपुर मुंडा संस्कृति कला मंच के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य मुंडा समुदाय की विलुप्त होती लोकपरंपराओं, पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य, राग-रागिनी एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए जागरूकता फैलाना था। कार्यशाला में झारखंड और विभिन्न क्षेत्रों से आए मुंडा कलाकारों ने पारंपरिक गीत-नृत्य, राग-रागिनी तथा सांस्कृतिक कला का मंचन कर दर्शकों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान के दौरान मुंडा समुदाय की सांस्कृतिक विविधताओं एवं समानताओं पर सार्थक चर्चा की गई, जिससे मुंडा संस्कृति की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सामाजिक मूल्य और सांस्कृतिक गहराई उजागर हुई। कलाकारों ने जनजातीय वाद्ययंत्रों की थाप पर प्रस्तुत आकर्षक नृत्यों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में खूँटी के विधायक श्री राम सुर्या मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि— “मुंडा समाज की सांस्कृतिक धरोहर में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की क्षमता है। ऐसे आयोजन संस्कृति संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में मथुरा कंडिर, रवि तिग्गा, छत्रपाल मुंडा, गाँव के मुंडा-पहान, अनेक ग्रामवासी एवं स्थानीय बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। स्थानीय एवं आमंत्रित कलाकारों में महादेव मुंडा, किसुन पूर्ति, किसुन मुंडा ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब प्रशंसा प्राप्त की। कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहे लखन गुड़िया (उर्फ़ लखन मुंडा), जिन्हें कला-संस्कृति पर अपने विचार रखने हेतु आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने ओजपूर्ण संबोधन में सांस्कृतिक संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा ढोल वादन की प्रस्तुति दी। उनके विचारों और ढोल की ऊर्जावान लय ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
यह दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम रही बल्कि मुंडा समुदाय की सांस्कृतिक चेतना, एकता और लोकपरंपरा के संरक्षण को नया आयाम प्रदान करने में भी मील का पत्थर साबित हुई। कार्यक्रम ने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने तथा कला-संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

